Ancestral Property Right: सरकार की नई गाइडलाइन—पुश्तैनी हक साबित करना अब तेज़ और आसान
सरकार ने Ancestral Property Right को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नए नियमों के बाद अब किसी भी व्यक्ति के लिए अपनी पुश्तैनी संपत्ति पर हक साबित करना पहले की तुलना में बहुत आसान और तेज़ हो जाएगा। जमीन से जुड़े झगड़ों में भी कमी आने की उम्मीद है।
नई सरकारी गाइडलाइन: पुश्तैनी हक साबित करना हुआ आसान
Government of India द्वारा जारी किए गए नए निर्देशों में विरासत (Inheritance) और पुश्तैनी हक को साबित करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
पहले जहां परिवार की जमीन पर हक साबित करने में महीनों लग जाते थे, वहीं अब डिजिटल रिकॉर्ड और नए वैरिफिकेशन सिस्टम के कारण काम तेज़ी से पूरा होगा।
1. डिजिटल भूमि रिकॉर्ड अनिवार्य
अब देशभर में जमीन के रिकॉर्ड को 100% डिजिटल करने का निर्देश दिया गया है।
इसमें शामिल हैं—
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खसरा–खतौनी
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7/12 उतारा
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जमाबंदी नकल
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भू-नक्शे (Geo-mapping)
इससे पुश्तैनी जमीन का असली मालिक कौन है, यह तुरंत पता चल सकेगा।
2. परिवार वृक्ष (Family Tree) का ऑनलाइन सत्यापन
नई गाइडलाइन के तहत—
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परिवार वृक्ष अब ऑनलाइन उपलब्ध होगा
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पंचायत/नगरपालिका स्तर पर तुरंत सत्यापन
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परिवार के सभी सदस्यों का डेटा लिंक
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फर्जी दावों पर रोक
इससे यह तय करना आसान होगा कि किस वारिस को जमीन पर हक है।
3. Succession Certificate की प्रक्रिया होगी तेज़
जहाँ पहले उत्तराधिकार प्रमाणपत्र पाने में 30–60 दिन लगते थे, अब—
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e-Succession Portal
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Aadhaar आधारित वैरिफिकेशन
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कोर्ट की डिजिटल सुनवाई
की मदद से यह प्रक्रिया काफी तेज़ हो गई है।
4. Property Dispute समाधान प्रणाली
सरकार ने जिला स्तर पर Property Dispute Resolution Cell शुरू किए हैं।
ये सेल—
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पुश्तैनी हक की पुष्टि
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जमीन पर कब्जे के मामलों का निपटारा
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परिवार के झगड़ों में मध्यस्थता
करेंगे, जिससे कोर्ट केस घटेंगे।
5. महिलाओं और बेटियों के अधिकार को मजबूती
नई गाइडलाइन के अनुसार—
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बेटियाँ भी पुश्तैनी संपत्ति की बराबर की वारिस होंगी
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शादीशुदा बेटी का अधिकार खत्म नहीं होगा
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परिवार के किसी सदस्य को हक से वंचित नहीं किया जा सकता
इससे महिलाओं के अधिकार और मजबूत हुए हैं।
पुश्तैनी संपत्ति साबित करने के लिए क्या-क्या दस्तावेज़ जरूरी?
सरकार ने जरूरी दस्तावेज़ों की सूची भी तय की है—
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आधार कार्ड
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परिवार वृक्ष
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जमीन का डिजिटल रिकॉर्ड (ROR/खतौनी)
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पुराने बंटवारे/वसीयत की कॉपी
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बिजली/पानी का बिल (कब्जा सिद्ध करने के लिए)
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Succession Certificate (यदि आवश्यक हो)
मोबाइल पर ऐसे चेक करें अपनी पुश्तैनी जमीन के रिकॉर्ड
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राज्य के भूमि रिकॉर्ड पोर्टल पर जाएँ (जैसे bhulekh, mahabhumi, mpbhulekh, आदि)
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जिला–तहसील–गाँव चुनें
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खसरा/खतौनी नंबर डालें
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मालिक का नाम देखें
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परिवार के सदस्यों का नाम लिंक है या नहीं, यह भी दिखेगा
यह पूरी प्रक्रिया अब 2–5 मिनट में पूरी हो जाती है।
नई गाइडलाइन से जनता को क्या फायदा होगा?
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जमीन विवादों में कमी
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पुश्तैनी हक साबित करने में पारदर्शिता
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कोर्ट–कचहरी के चक्कर कम
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डिजिटल रिकॉर्ड से धोखाधड़ी रोक
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महिलाओं और बेटियों के अधिकार सुरक्षित
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संपत्ति बंटवारे में आसानी
निष्कर्ष
Ancestral Property Right को लेकर सरकार की नई गाइडलाइन ने पुश्तैनी हक साबित करने की प्रक्रिया को बेहद आसान और पारदर्शी बना दिया है। डिजिटल रिकॉर्ड, परिवार वृक्ष सत्यापन और तेज़ Succession सिस्टम के कारण अब किसी भी व्यक्ति के लिए अपनी विरासत साबित करना पहले से कहीं अधिक सरल होगा। यह कदम जमीन विवादों को कम करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है।